व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं क्षति
चिकित्सा लापरवाही
डॉक्टरों और अस्पतालों के विरुद्ध उपभोक्ता आयोगों या दीवानी अदालतों में दावे, और संबंधित शिकायतें।
DLP का चैम्बर: नं. 548, ए ब्लॉक, हाई कोर्ट, लखनऊ
कानून क्या कहता है
रोगी या उसका परिवार उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अंतर्गत उपभोक्ता आयोगों में, जहाँ सेवा का भुगतान किया गया हो, या दीवानी वाद द्वारा चिकित्सा लापरवाही के लिए प्रतिकर माँग सकते हैं। कसौटी यह है कि क्या डॉक्टर ने सामान्य रूप से सक्षम चिकित्सक जैसी उचित कुशलता और सावधानी नहीं बरती, जैसा उच्चतम न्यायालय ने जैकब मैथ्यू बनाम पंजाब राज्य (2005) में समझाया। आपराधिक दायित्व केवल घोर लापरवाही में बनता है। राज्य चिकित्सा परिषद में भी शिकायत की जा सकती है। चिकित्सा अभिलेख मुख्य साक्ष्य हैं, और रोगी अपने अभिलेखों की प्रतियों का हकदार है।
परामर्श
चैम्बर से बात करें।
अपना नाम, नंबर और मामले के बारे में एक पंक्ति छोड़ें। चैम्बर का कोई सदस्य कार्य समय में आपको कॉल या संदेश करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दावा कहाँ दायर कर सकते हैं?
दावे के मूल्य के अनुसार जिला, राज्य या राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में, या दीवानी अदालत में। व्यावसायिक आचरण की शिकायत राज्य चिकित्सा परिषद में की जा सकती है।
क्या दिखाना होता है?
कि सावधानी का कर्तव्य था, कि उचित रूप से सक्षम चिकित्सक के मानक से नीचे जाकर उसका उल्लंघन हुआ, और कि उसी उल्लंघन से हानि हुई। केवल दुर्भाग्यपूर्ण परिणाम लापरवाही नहीं है।
मुझे क्या एकत्र करना चाहिए?
भर्ती और छुट्टी के कागज़, पर्चे, जाँच रिपोर्ट, बिल, सहमति पत्र, और पूरी केस फ़ाइल के लिए लिखित अनुरोध।