कॉर्पोरेट, वाणिज्यिक एवं कर
स्टार्टअप सलाह
व्यवसाय संरचना का चयन, संस्थापक और निवेशक करार, अनुपालन और IP का संरक्षण।
DLP का चैम्बर: नं. 548, ए ब्लॉक, हाई कोर्ट, लखनऊ
कानून क्या कहता है
स्टार्टअप के प्रारंभिक कानूनी कार्य में सामान्यतः संरचना का चयन (कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, LLP अधिनियम, 2008 के अंतर्गत LLP, या साझेदारी), इक्विटी, वेस्टिंग और भूमिकाओं पर संस्थापकों के करार, गोपनीयता और IP समनुदेशन खंडों वाले कर्मचारी और ठेकेदार करार, और ब्रांड व तकनीक का संरक्षण शामिल है। पात्र संस्थाएँ स्टार्टअप इंडिया योजना के अंतर्गत DPIIT मान्यता के लिए आवेदन कर सकती हैं, जिससे कुछ लाभ मिलते हैं। निवेश जुटाने में टर्म शीट, शेयरधारक करार और कंपनी कानून तथा, विदेशी निवेश के लिए, FEMA नियमों का अनुपालन शामिल है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कंपनी या LLP?
जहाँ इक्विटी निवेश की योजना हो वहाँ सामान्यतः प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को प्राथमिकता दी जाती है; LLP में अनुपालन हल्का है पर इक्विटी जुटाने के लिए कम उपयुक्त है। चयन योजनाओं, कर और वित्त पोषण पर निर्भर करता है।
संस्थापकों का करार क्यों महत्वपूर्ण है?
यह हर संस्थापक की शेयरधारिता, वेस्टिंग, भूमिकाएँ, निर्णय प्रक्रिया और किसी संस्थापक के जाने पर क्या होगा, यह दर्ज करता है, जिससे बाद के विवाद टलते हैं।
कर्मचारियों या फ़्रीलांसरों द्वारा लिखा कोड किसका है?
रोज़गार के दौरान कर्मचारियों का कार्य सामान्यतः नियोक्ता का होता है, पर फ़्रीलांसरों के कार्य के लिए लिखित समनुदेशन चाहिए। हर करार में IP समनुदेशन खंड रखें।