हमारी वकालत
हर समस्या का समाधान यहाँ है।
50 सेवाएँ
व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं क्षति
8- तलाकआपसी सहमति से या वैधानिक आधारों पर तलाक, और भरण-पोषण, अभिरक्षा व सामान के निपटारे।और पढ़ें
- पारिवारिक विवादघरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत संरक्षण, निवास और अन्य आदेश, और संबंधित पारिवारिक विवाद।और पढ़ें
- बच्चों की अभिरक्षाबच्चों की अभिरक्षा, मुलाक़ात और संरक्षकता, जो बच्चे के कल्याण के आधार पर तय होती है।और पढ़ें
- मुस्लिम पर्सनल लॉमुस्लिम पर्सनल लॉ और लागू कानूनों के अंतर्गत विवाह, मेहर, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार।और पढ़ें
- चिकित्सा लापरवाहीडॉक्टरों और अस्पतालों के विरुद्ध उपभोक्ता आयोगों या दीवानी अदालतों में दावे, और संबंधित शिकायतें।और पढ़ें
- मोटर दुर्घटना दावेसड़क दुर्घटना में मृत्यु या चोट के लिए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में प्रतिकर के दावे।और पढ़ें
- भरण-पोषण एवं निर्वाह-व्ययपति/पत्नी, बच्चों या माता-पिता द्वारा भरण-पोषण के दावे, और उनका प्रवर्तन।और पढ़ें
- विवाह पंजीकरणहिंदू विवाह अधिनियम या विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत विवाह का पंजीकरण, और आवश्यक दस्तावेज़।और पढ़ें
आपराधिक एवं साइबर कानून
16- आपराधिक मामलेमजिस्ट्रेट और सत्र न्यायालयों में विचारण के दौरान बचाव, आरोप तय होने से निर्णय तक।और पढ़ें
- साइबर अपराधऑनलाइन धोखाधड़ी, हैकिंग और उत्पीड़न की शिकायत, साक्ष्य सुरक्षित रखना और शिकायत को आगे बढ़ाना।और पढ़ें
- अग्रिम जमानतजब किसी गैर-जमानती मामले में गिरफ्तारी की आशंका हो, तब गिरफ्तारी से पहले अदालत से मिलने वाली सुरक्षा।और पढ़ें
- नियमित जमानतगिरफ्तारी के बाद, मामला चलते रहने तक, बंधपत्र (ज़मानतदार सहित या रहित) पर हिरासत से रिहाई।और पढ़ें
- जमानत सुनवाईअदालत में जमानत आवेदन प्रस्तुत करना: अदालत क्या देखती है और सुनवाई कैसे चलती है।और पढ़ें
- ज़मानतदार और जमानत बंधपत्रजमानत मिलने के बाद भारतीय अदालतों में जमानत बंधपत्र और ज़मानतदार कैसे काम करते हैं: दस्तावेज़, सत्यापन और दायित्व।और पढ़ें
- FIR रद्दकरणऐसी FIR या आपराधिक कार्यवाही को रद्द कराने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका, जिससे अपराध न बनता हो या जो प्रक्रिया का दुरुपयोग हो।और पढ़ें
- उच्च न्यायालय में आपराधिक मामलेइलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ के समक्ष आपराधिक अपील, पुनरीक्षण, जमानत और रद्दकरण याचिकाएँ।और पढ़ें
- आपराधिक अपीलकानून द्वारा दी गई समय-सीमा के भीतर अपीलीय अदालत में दोषसिद्धि, सज़ा या दोषमुक्ति को चुनौती।और पढ़ें
- विचारण में बचावबचाव की तैयारी और संचालन: अभियोजन के साक्ष्य की परख और अभियुक्त का पक्ष प्रस्तुत करना।और पढ़ें
- सौदा अभिवचन (प्ली बार्गेनिंग)पात्र अपराधों के लिए BNSS के अध्याय XXIII के अंतर्गत, अदालत की स्वीकृति से, वैधानिक प्रक्रिया।और पढ़ें
- पुलिस जाँच के दौरान अधिकारFIR के बाद क्या होता है, और पूछताछ, गिरफ्तारी या तलाशी के समय व्यक्ति के विधिक अधिकार।और पढ़ें
- आपराधिक प्रक्रियाBNSS के अंतर्गत FIR से अपील तक आपराधिक प्रक्रिया का सारांश, और हर चरण पर अधिकार।और पढ़ें
- ED / PMLA मामलेधन-शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के अंतर्गत समन, कुर्की और अभियोजन।और पढ़ें
- CBI जाँचकेंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जाँचे जाने वाले मामले, जिनमें भ्रष्टाचार के मामले शामिल हैं, और संबंधित व्यक्तियों के अधिकार।और पढ़ें
- आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के मामलेधोखाधड़ी, छल और वित्तीय योजनाओं के मामलों में राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की जाँच।और पढ़ें
संपत्ति, किरायेदारी एवं उत्तराधिकार
3- संपत्ति मामलेभूमि और भवनों के स्वामित्व, कब्ज़े, विभाजन और अतिक्रमण के विवाद।और पढ़ें
- मकान मालिक–किरायेदार विवादउत्तर प्रदेश के किरायेदारी कानून के अंतर्गत किरायानामा, किराया, बेदखली और जमा राशि।और पढ़ें
- वसीयत एवं ट्रस्टवसीयत का प्रारूपण, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र, आवश्यक होने पर प्रोबेट, और ट्रस्ट बनाना।और पढ़ें
दीवानी, उपभोक्ता एवं वसूली
5- कानूनी दस्तावेज़अनुबंध, विलेख, नोटिस और शपथ पत्रों का प्रारूपण व समीक्षा, और उनका स्टाम्प व पंजीकरण।और पढ़ें
- उपभोक्ता विवाददोषपूर्ण वस्तुओं, सेवाओं में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार की शिकायतें उपभोक्ता आयोगों में।और पढ़ें
- दीवानी मुकदमेदीवानी और वाणिज्यिक अदालतों में अनुबंध, भुगतान और व्यावसायिक विवादों के वाद।और पढ़ें
- चेक बाउंसऋण के लिए दिया गया चेक अनादरित होने पर माँग नोटिस, परिवाद और विचारण।और पढ़ें
- ऋण वसूलीनोटिस, संक्षिप्त वाद, अधिकरणों और दिवाला प्रक्रियाओं से बकाया धन की वसूली।और पढ़ें
कॉर्पोरेट, वाणिज्यिक एवं कर
10- मध्यस्थताअदालती विचारण के विकल्प के रूप में माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम, 1996 के अंतर्गत माध्यस्थम् और मध्यस्थता।और पढ़ें
- ट्रेडमार्क एवं कॉपीराइटट्रेडमार्क खोज, दाखिला, विरोध और नवीकरण, और ब्रांड व रचनात्मक कार्य का संरक्षण।और पढ़ें
- सीमा शुल्क एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्कसीमा शुल्क अधिनियम और केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस, न्यायनिर्णयन और अपील।और पढ़ें
- स्टार्टअप सलाहव्यवसाय संरचना का चयन, संस्थापक और निवेशक करार, अनुपालन और IP का संरक्षण।और पढ़ें
- बैंकिंग एवं वित्तऋण दस्तावेज़, बैंकों से विवाद, वसूली कार्यवाही और RBI लोकपाल को शिकायत।और पढ़ें
- जीएसटीCGST और UPGST अधिनियमों के अंतर्गत GST पंजीकरण, नोटिस, निर्धारण, धनवापसी और अपील।और पढ़ें
- कॉर्पोरेट कानूनकंपनी गठन और अनुपालन, शेयरधारक मामले और NCLT के समक्ष कार्यवाही।और पढ़ें
- कराधानआयकर नोटिस, निर्धारण, शास्ति और अपील।और पढ़ें
- पेटेंटपेटेंट अधिनियम, 1970 के अंतर्गत पेटेंट खोज, प्रारूपण और दाखिला, अभियोजन और प्रवर्तन।और पढ़ें
- खाद्य सुरक्षा (FSSAI) मामलेखाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत पंजीकरण, लाइसेंस, नोटिस और कार्यवाही।और पढ़ें
रोज़गार, सार्वजनिक एवं विशेष
8- श्रम एवं सेवा मामलेअनुशासन, पदोन्नति, वेतन और पेंशन पर सरकारी कर्मचारियों के विवाद, न्यायाधिकरणों और उच्च न्यायालय के समक्ष।और पढ़ें
- सशस्त्र बल न्यायाधिकरणसशस्त्र बल कर्मियों के सेवा मामले और कोर्ट-मार्शल अपीलें सशस्त्र बल अधिकरण के समक्ष।और पढ़ें
- सर्वोच्च न्यायालय मामलेभारत के सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विशेष अनुमति याचिकाएँ, अपीलें और रिट याचिकाएँ।और पढ़ें
- बीमाअस्वीकृत या विलंबित बीमा दावों के विवाद लोकपाल, उपभोक्ता आयोगों या अदालतों के समक्ष।और पढ़ें
- आप्रवासनपासपोर्ट संबंधी समस्याएँ, वीज़ा, OCI, विदेशियों का पंजीकरण और संबंधित अभ्यावेदन व याचिकाएँ।और पढ़ें
- अंतरराष्ट्रीय कानूनसीमा-पार अनुबंध, विदेश में तामील, और भारत में विदेशी निर्णयों व माध्यस्थम् पंचाटों का प्रवर्तन।और पढ़ें
- रिट याचिकाएँराज्य या लोक प्राधिकारियों की अवैध कार्रवाई के विरुद्ध अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालय में याचिकाएँ।और पढ़ें
- परमादेश याचिकाएँकिसी लोक प्राधिकारी को ऐसा विधिक कर्तव्य निभाने का निर्देश देने वाली रिट, जिसे उसने नहीं निभाया या निभाने से इनकार किया।और पढ़ें