आपराधिक एवं साइबर कानून
आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के मामले
धोखाधड़ी, छल और वित्तीय योजनाओं के मामलों में राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की जाँच।
DLP का चैम्बर: नं. 548, ए ब्लॉक, हाई कोर्ट, लखनऊ
कानून क्या कहता है
आर्थिक अपराध शाखा (EOW) राज्य पुलिस की एक विशेष इकाई है। उत्तर प्रदेश में यह बड़ी धोखाधड़ी, छल, आपराधिक न्यासभंग, जमा और निवेश योजनाओं, और उसे सौंपे गए अन्य वित्तीय अपराधों की जाँच करती है। यह किसी भी पुलिस इकाई की तरह BNSS का पालन करती है, इसलिए नोटिस, गिरफ्तारी, हिरासत और जमानत संबंधी सामान्य अधिकार लागू होते हैं। जमानत और अग्रिम जमानत तथ्यों पर तय होती हैं, जिनमें आरोपों की प्रकृति और संबंधित राशि शामिल है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
EOW, CBI से कैसे अलग है?
EOW राज्य पुलिस का हिस्सा है और राज्य के भीतर के मामलों की जाँच करती है। CBI, DSPE अधिनियम के अंतर्गत केंद्रीय एजेंसी है जो अधिसूचित अपराधों की जाँच करती है, सामान्यतः राज्य की सहमति से या अदालत के निर्देश पर।
मुझे कौन से दस्तावेज़ एकत्र करने चाहिए?
अनुबंध, बीजक, बैंक विवरण, पत्राचार, बोर्ड या साझेदारी के रिकॉर्ड, और वह सब जो दिखाए कि धन कैसे और क्यों गया।
क्या EOW मामले में अग्रिम जमानत माँगी जा सकती है?
हाँ, BNSS के सामान्य उपाय उपलब्ध हैं। अदालत आरोपों, सामग्री और व्यक्ति के आचरण को तौलती है।
मैंने ऐसी योजना में निवेश किया जो विफल हो गई। क्या शिकायत कर सकता हूँ?
हाँ। आप अपनी रसीदों और रिकॉर्ड के साथ पुलिस या EOW में शिकायत कर सकते हैं। योजना के अनुसार, अविनियमित जमा योजना पाबंदी अधिनियम, 2019 जैसे अन्य कानून भी लागू हो सकते हैं।
इस सेवा को संभालने वाले वकील
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