व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं क्षति
मोटर दुर्घटना दावे
सड़क दुर्घटना में मृत्यु या चोट के लिए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में प्रतिकर के दावे।
DLP का चैम्बर: नं. 548, ए ब्लॉक, हाई कोर्ट, लखनऊ
कानून क्या कहता है
मोटर वाहन के उपयोग से हुई मृत्यु, चोट या संपत्ति की क्षति के दावे मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अंतर्गत मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) में दायर होते हैं। दावा घायल व्यक्ति, मृत व्यक्ति के विधिक प्रतिनिधि, या क्षतिग्रस्त संपत्ति के स्वामी कर सकते हैं। वाहन का बीमाकर्ता सामान्यतः पक्षकार होता है। प्रतिकर आय या आश्रितता की हानि, चिकित्सा व्यय और पीड़ा जैसे कारकों पर आँका जाता है। 'हिट-एंड-रन' दुर्घटनाओं पर अलग प्रतिकर योजनाएँ लागू होती हैं। 2019 में संशोधित अधिनियम दाखिले की समय-सीमा तय करता है, इसलिए दावा जल्दी करना चाहिए।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दावा कौन दायर कर सकता है?
घायल व्यक्ति, मृत व्यक्ति के विधिक प्रतिनिधि, क्षतिग्रस्त संपत्ति का स्वामी, या उनके द्वारा अधिकृत अभिकर्ता।
कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
FIR, चिकित्सा और पोस्टमार्टम अभिलेख, बिल, आय और आयु का प्रमाण, वाहन के पंजीकरण और बीमा का विवरण, और उपलब्ध हो तो ड्राइविंग लाइसेंस का विवरण।
यदि वाहन की पहचान न हो तो?
'हिट-एंड-रन' मामलों में अधिनियम की धारा 161 के अंतर्गत बनी योजना से, उसमें दी गई दावा जाँच प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिकर मिलता है।