कॉर्पोरेट, वाणिज्यिक एवं कर
कॉर्पोरेट कानून
कंपनी गठन और अनुपालन, शेयरधारक मामले और NCLT के समक्ष कार्यवाही।
DLP का चैम्बर: नं. 548, ए ब्लॉक, हाई कोर्ट, लखनऊ
कानून क्या कहता है
कंपनियाँ कंपनी अधिनियम, 2013 से और LLP, LLP अधिनियम, 2008 से नियंत्रित होती हैं। कॉर्पोरेट कार्य में निगमन, बोर्ड और शेयरधारक संकल्प, वार्षिक फ़ाइलिंग, शेयरों का अंतरण और आबंटन, और निदेशकों के कर्तव्य शामिल हैं। उत्पीड़न और कुप्रबंध (धारा 241 और 242) जैसे विवाद, और दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016 के अंतर्गत दिवाला कार्यवाही राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) सुनता है, और अपील राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण में होती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्राइवेट कंपनी हर वर्ष कौन सी फ़ाइलिंग करती है?
मुख्यतः कंपनी रजिस्ट्रार के पास वित्तीय विवरण और वार्षिक विवरणी, साथ में निदेशकों या शेयर पूँजी में परिवर्तन जैसी घटना-आधारित फ़ाइलिंग।
उत्पीड़न और कुप्रबंध क्या है?
कंपनी के कामकाज का ऐसा संचालन जो सदस्यों या कंपनी के लिए हानिकारक हो। पात्र सदस्य राहत के लिए धारा 241 के अंतर्गत NCLT में आवेदन कर सकते हैं।
निदेशक के मुख्य कर्तव्य क्या हैं?
धारा 166 निदेशकों से अपेक्षा करती है कि वे कंपनी के हित में सद्भावपूर्वक, उचित सावधानी और स्वतंत्र विवेक से कार्य करें, और हितों के टकराव से बचें।
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